वायरल होने से हुआ मोनालिसा के साथ गलत , आ गई ये बड़ी मुसीबत
इन्टरनेट में जिसने भी इनकी ऑंखें देखी वो देखता रह गया .कुछ दिनों से महाकुम्ब से एक लड़की की तस्वीर काफी वायरल हो रही है |इनका नाम है मोनालिसा | लेकिन पोपुलर होना उन्हें भारी पढ़ रहा है महाकुंभ में रुद्राक्ष बेचने आई मोनालिसा सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे उसकी जिंदगी और काम मुश्किल हो गए हैं। लोग उसकी तस्वीरें लेने में व्यस्त हैं, जिससे वह अपना धंधा नहीं कर पा रही। परिवार उसे घर वापस लाने की कोशिश में है, लेकिन बढ़ती भीड़ समस्या बन रही है।
सोशल मीडिया के जरिये लाखों लोग उसे जानने लगे हैं। अत्यधिक वायरल होना अब उसके लिए मुसीबत बन गया है। मोनालिसा प्रयागराज महाकुंभ में रुद्राक्ष और मालाएं बेचने पहुंची थी, पर अब वह रुद्राक्ष मालाएं नहीं बेच पा रही है. मालाएं खरीदने से ज्यादा लोग मोनालिसा को देखने और उसकी तस्वीरें लेने के लिए पीछे पड़े रहते हैं।
अमर उजाला से बात करते हुए महेश्वर में रहने वाले मोनालिसा के बड़े पिता विजय पटेल ने बताया कि मेरी अभी कुछ देर पहले ही मेरी बच्ची से बात हुई थी। वो बहुत परेशान थी। कह रही थी कि कोई धंधा नहीं हो पा रहा है। उसके पीछे कैमरे-मोबाइल लेकर लोग पड़े रहते हैं। जहां उसका टेंट है, वहां सुबह से देर रात तक लोग जमे रहते हैं. खाना खाना भी दुश्वार हो चुका है। यहां-वहां जाने के लिए भी मुंह छिपाकर, नजरें बचाकर निकलना होता है। ये भी पढें: Viral Monalisa: इंदौर की नहीं, महेश्वर की रहने वाली है हसीन आंखों वाली मोनालिसा, कुंभ से लौटने की बात भी झूठी बड़े पिता विजय का कहना है मोनालिसा मेरी भतीजी है। वो इतना परेशान हो चुकी है कि वहां से निकलना चाहती है। हम गरीब लोग हैं, उधार वगैरह करके माला लेते हैं और धंधा करने निकलते हैं, पर इस बार कोई धंधा ही नहीं करने दे रहा। मोनालिसा को हम वापस लाना भी चाहते हैं पर कैसे लाएं समझ नहीं आ रहा। वहां पुलिस भी मदद नहीं कर रही। स्टेशन तक जाने का रास्ता कैसे तय करेंगे, कोई देख लेगा तो पीछे पड़ जाएगा तो निकल नहीं पा रहे हैं।
बुधवार यानी 22 जनवरी तक भी मोनालिसा महाकुंभ में ही है। उसके भाई जय सिंह ने बताया कि मोनी अभी यही है, पापा के साथ है। मीडिया वाले, कैमरे वाले बहुत परेशान कर रहे हैं इसलिए कह दिया है उसे महेश्वर भेज दिया है, या वापस भेज रहे हैं। पापा ने कहा तो है कि भेजना तो है, क्योंकि इस वजह से हम लोग धंधा नहीं कर पा रहे। जिसके लिए हम अपना घर-बार छोड़कर यहां आए हैं, वही नहीं हो पा रहा। उम्मीद है कि जल्द ही उसे वापस भेजने का कोई प्लान मिल जाएगा।
No comments